Author: Alok Kumar | Date: 2026-10-16 18:15:45

गोपालगंज। थावे दुर्गा मंदिर में मां दुर्गा के आभूषणों की चोरी के चर्चित मामले का सफल उद्भेदन करने तथा अभियुक्तों को न्यायालय से दोषसिद्ध कराकर सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पुलिस पदाधिकारियों, अभियोजन पदाधिकारियों एवं जिला आसूचना इकाई (डीआईयू) की तकनीकी टीम को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। शुक्रवार को थावे दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी ने चयनित पदाधिकारियों एवं तकनीकी टीम के योगदान की सराहना की।

इस अवसर पर कुल सात पदाधिकारियों तथा जिला आसूचना इकाई की संपूर्ण तकनीकी टीम को प्रशस्ति पत्र प्रदान करने के लिए नामित किया गया था। इनमें जिला अभियोजन पदाधिकारी विजय कुमार प्रसाद, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी आनंद शंकर शर्मा, सहायक अभियोजन पदाधिकारी शुभम कुमार राय तथा अभियोजन कार्यों के नोडल पदाधिकारी पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित) सुबोध कुमार शामिल थे। इनके अतिरिक्त कांड के अनुसंधानकर्ता पुलिस निरीक्षक करमबीर प्रसाद सिंह, थावे टीओपी प्रभारी धीरज कुमार एवं एसआई श्याम कुमार को भी सम्मानित किया गया।

तकनीकी अनुसंधान से लेकर न्यायालय में दोषसिद्धि तक अहम योगदान

थावे दुर्गा मंदिर में चोरी की घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था। कांड के उद्भेदन के लिए एसआईटी के साथ जिला आसूचना इकाई (डीआईयू) की तकनीकी टीम ने भी लगातार काम किया। अनुसंधान के दौरान लगभग 45 दिनों तक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया गया। इसके अतिरिक्त हजारों मोबाइल नंबरों की लोकेशन प्राप्त कर उनका विधिवत सत्यापन एवं विश्लेषण किया गया।

पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य अनुसंधानात्मक तथ्यों का समन्वित विश्लेषण करते हुए मामले की विभिन्न कड़ियों को जोड़ा। इसके आधार पर अनुसंधान को आगे बढ़ाया गया और अभियुक्तों के विरुद्ध न्यायालय में प्रभावी अभियोजन सुनिश्चित करने की दिशा में कार्रवाई की गई।

आठ महीने के भीतर पांचों दोषियों को सजा

पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी ने बताया कि इस मामले में अनुसंधान से लेकर अभियोजन तक सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने समन्वित रूप से कार्य किया। प्रभावी अनुसंधान और स्पीडी ट्रायल के तहत की गई कार्रवाई के परिणामस्वरूप घटना के लगभग आठ महीने के भीतर न्यायालय से सभी पांचों अभियुक्तों को दोषसिद्ध कराकर सजा दिलाने में सफलता मिली।

उन्होंने कहा कि किसी भी आपराधिक कांड में दोषियों को सजा दिलाने के लिए गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान, तकनीकी साक्ष्यों का वैज्ञानिक विश्लेषण तथा अभियोजन पक्ष के साथ बेहतर समन्वय अत्यंत महत्वपूर्ण है। थावे दुर्गा मंदिर चोरी कांड में इन सभी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया गया, जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आया।

पुलिस एवं अभियोजन के समन्वय की सराहना

पुलिस अधीक्षक ने कांड के उद्भेदन, साक्ष्य संकलन और न्यायालय में दोषसिद्धि सुनिश्चित कराने में योगदान देने वाले सभी पदाधिकारियों एवं तकनीकी टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के समन्वित प्रयास पुलिस की अनुसंधान क्षमता और अभियोजन की प्रभावशीलता को मजबूत करते हैं।

थावे दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित सम्मान समारोह को पुलिस अनुसंधान, तकनीकी दक्षता और अभियोजन के बीच प्रभावी समन्वय के एक महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य उत्कृष्ट कार्य करने वाले पदाधिकारियों एवं कर्मियों का उत्साहवर्धन करना तथा अन्य पुलिसकर्मियों को भी गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और प्रभावी अभियोजन के लिए प्रेरित करना है।