Author: Alok Kumar | Date: 2026-11-03 07:19:04

गोपालगंज- जिले में अपराधियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई और स्पीडी ट्रायल के तहत उचकागांव थाना क्षेत्र के आर्म्स एक्ट मामले में न्यायालय ने अभियुक्त मुकुल यादव को तीन साल के श्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायालय ने उस पर आठ हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर अभियुक्त को दो महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

मामला 29 मार्च 2024 का है। उस दिन उचकागांव थाना क्षेत्र के राजापुर तीनमुहानी के पास पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ बदमाश किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर छापेमारी की। इस दौरान एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया। तलाशी लेने पर उसके पास से एक देसी लोडेड पिस्टल और चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए।

गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान उचकागांव थाना क्षेत्र के भगवान टोला निवासी हरेराम यादव के पुत्र मुकुल यादव के रूप में हुई थी। पुलिस ने इस मामले में उचकागांव थाने में आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया। अनुसंधान के दौरान पुलिस ने आवश्यक साक्ष्य एकत्रित कर समय पर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।

मामले की सुनवाई के दौरान माननीय न्यायालय ACJM-01, गोपालगंज ने प्रस्तुत साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों का अवलोकन करने के बाद मुकुल यादव को आर्म्स एक्ट के तहत दोषी करार दिया। इसके बाद न्यायालय ने उसे तीन साल के श्रम कारावास और आठ हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।इस मामले में गोपालगंज पुलिस की ओर से बेहतर अनुसंधान और साक्ष्यों के समय पर संकलन के साथ स्पीडी ट्रायल के तहत प्रभावी पैरवी की गई। अभियोजन पक्ष की ओर से अनुमंडल अभियोजन पदाधिकारी आनंद शंकर शर्मा ने न्यायालय में मजबूती से पक्ष रखा। पुलिस और अभियोजन पक्ष के समन्वय से मामले में फैसला आया। पुलिस प्रशासन के अनुसार, स्पीडी ट्रायल के माध्यम से आपराधिक मामलों में दोषियों को सजा दिलाने की कार्रवाई लगातार जारी है।