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न्यायाधीश/मजिस्ट्रेट द्वारा अपराध स्थल का स्थानीय निरीक्षण करने, ज्ञापन बनाने तथा उसे अभिलेख का भाग बनाने की शक्ति।
न्यायालय की, न्यायसंगत विनिश्चय के लिए आवश्यक प्रतीत होने पर, किसी भी व्यक्ति को साक्षी समन करने, हाजिर व्यक्ति की परीक्षा करने या पूर्व-परीक्षित साक्षी को पुनः बुलाने की व्यापक शक्ति।
अन्वेषण के लिए नमूना हस्ताक्षर, अंगुलि-छाप, हस्तलेख या स्वर-नमूना (voice sample) देने का आदेश देने की प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट की शक्ति तथा उसकी शर्तें।
न्यायालय में हाजिर होने वाले परिवादी या साक्षी के युक्तियुक्त व्ययों का सरकार की ओर से भुगतान कराने की दांडिक न्यायालय की शक्ति।
साक्ष्य में प्रकट परिस्थितियों को स्पष्ट करने हेतु अभियुक्त की बिना शपथ परीक्षा करने की न्यायालय की शक्ति व कर्तव्य, तथा उत्तर न देने पर दंड न होने का महत्वपूर्ण संरक्षोपाय (CrPC धारा 313 समतुल्य)।
साक्ष्य बंद होने के पश्चात् पक्षकारों द्वारा संक्षिप्त मौखिक तर्क तथा तर्कों का ज्ञापन प्रस्तुत करने की प्रक्रिया, तथा विलंब रोकने हेतु स्थगन पर नियंत्रण।
अभियुक्त को अपनी प्रतिरक्षा में शपथ पर साक्षी बनने का अधिकार, तथा साक्ष्य न देने पर अभियोजन द्वारा प्रतिकूल टिप्पणी या उपधारणा न किए जाने का संरक्षोपाय।
क्षमादान की निविदा के अपवाद के सिवाय, अभियुक्त को किसी बात के प्रकटन या गोपन के लिए वचन/धमकी द्वारा प्रेरित करने पर रोक का संरक्षोपाय।
अधिवक्ता द्वारा प्रतिनिधित्व की शर्त पर अभियुक्त की वैयक्तिक हाजिरी से अभिमुक्ति देकर उसकी अनुपस्थिति में जांच/विचारण जारी रखने की न्यायालय की शक्ति, इलेक्ट्रॉनिक हाजिरी सहित।
उद्घोषित अपराधी की फरारी को हाजिर होने के अधिकार के अध्यर्पण के रूप में मानते हुए अनुपस्थिति में जांच/विचारण/निर्णय की महत्वपूर्ण नई प्रक्रिया, कड़े प्रक्रियात्मक सुरक्षोपायों तथा अपील प्रतिबंधों सहित।