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विकृतचित्तता के आधार पर दोषमुक्ति के निर्णय में यह विनिर्दिष्ट रूप से अभिलिखित किए जाने का उपबंध कि अभियुक्त ने वह कार्य किया था या नहीं।
विकृतचित्तता के आधार पर दोषमुक्त व्यक्ति को सुरक्षित अभिरक्षा में निरुद्ध करने या नातेदार/मित्र को सुपुर्द करने की प्रक्रिया, मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम 2017 के अनुरूप।
राज्य सरकार की कारागार भारसाधक अधिकारी को कारागार महानिरीक्षक के कृत्यों के निर्वहन के लिए सशक्त करने की शक्ति।
कारागार महानिरीक्षक या मानसिक स्वास्थ्य समीक्षा बोर्ड द्वारा बंदी को प्रतिरक्षा-समर्थ प्रमाणित किए जाने पर उसे न्यायालय के समक्ष लाने तथा धारा 371 की प्रक्रिया अपनाने का उपबंध।
निरुद्ध विकृतचित्त व्यक्ति के खतरे-रहित उन्मोचन योग्य प्रमाणित होने पर राज्य सरकार द्वारा उन्मोचन/निरोध/अंतरण का आदेश तथा आवश्यकतानुसार न्यायिक-चिकित्सीय आयोग नियुक्त करने की शक्ति।
निरुद्ध विकृतचित्त व्यक्ति की नातेदार/मित्र की देखभाल में प्रतिभूति सहित सुपुर्दगी तथा प्रतिरक्षा-समर्थ प्रमाणित होने पर न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया। यह धारा अध्याय 27 को पूर्ण करती है।