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जमानतीय अपराधों में जमानत लिए जाने का अधिकारपूर्वक नियम, निर्धन व्यक्ति के बंधपत्र पर उन्मुक्ति तथा पूर्व शर्त-भंग पर जमानत नामंजूर करने की न्यायालय की विवेकाधीन शक्ति।
विचाराधीन बंदियों को अधिकतम दंड की आधी (प्रथम बार के अपराधियों के लिए एक-तिहाई) अवधि निरोध भुगतने पर स्वतः जमानत का अधिकार तथा कारागार अधीक्षक का सक्रिय आवेदन-कर्तव्य - महत्वपूर्ण नई BNSS व्यवस्था।
असंज्ञेय-अजमानतीय अपराधों में जमानत के व्यापक नियम - गंभीर अपराधों में रोक व अपवाद, बालक/स्त्री/बीमार के लिए विशेष उपबंध, अनिवार्य शर्तें, तथा 60-दिन-विचारण-विलंब पर स्वतः जमानत (CrPC धारा 437 समतुल्य, HIGH PRIORITY)।
विचारण/अपील की समाप्ति के पूर्व अभियुक्त को उच्चतर न्यायालय में भावी अपील-सूचना पर हाजिर होने के लिए छह मास वैध बंधपत्र निष्पादित कराने की नई अनिवार्य व्यवस्था।
गिरफ्तारी की आशंका पर उच्च न्यायालय/सेशन न्यायालय से अग्रिम जमानत (anticipatory bail) प्राप्त करने की प्रसिद्ध व्यवस्था, शर्तों सहित, तथा बलात्संग जैसे गंभीर यौन अपराधों में इसकी अनुपलब्धता।
उच्च न्यायालय/सेशन न्यायालय की जमानत देने, मजिस्ट्रेट की शर्तें अपास्त करने तथा जमानतीत व्यक्ति को पुनः अभिरक्षा में लेने की विशेष शक्तियां, गंभीर यौन अपराधों में 15-दिन की समय-सीमा व सूचनाकर्ता की अनिवार्य उपस्थिति सहित।
बंधपत्र की राशि मामले की परिस्थितियों के अनुरूप और अत्यधिक न रखे जाने का सिद्धांत, तथा उच्च न्यायालय/सेशन न्यायालय की जमानत-राशि घटाने की शक्ति।
अभियुक्त और प्रतिभुओं द्वारा हाजिरी-शर्त सहित बंधपत्र निष्पादित करने की अनिवार्यता तथा प्रतिभुओं की समर्थता/पर्याप्तता जांचने की न्यायालय की शक्ति।