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असंज्ञेय अपराध के मामलों में दोषसिद्ध परिवादी या अभियुक्त से अभियोजन-व्यय दिलाने तथा भुगतान न होने पर कारावास का उपबंध।
पहली बार के छोटे अपराधियों, युवाओं व स्त्रियों को दंड देने के बजाय सदाचार-परिवीक्षा बंधपत्र पर या भर्त्सना के बाद छोड़ने की न्यायालय की शक्ति (परिवीक्षा अधिनियम 1958 के समांतर उपबंध)।
परिवीक्षा या किशोर-न्याय विधि के अधीन नरम व्यवहार करने योग्य होते हुए भी न्यायालय द्वारा वैसा न करने पर निर्णय में विशेष कारण अभिलिखित करने की अनिवार्यता।
हस्ताक्षरित निर्णय/अंतिम आदेश को लिपिकीय या अंकगणितीय भूल-सुधार के सिवाय न्यायालय द्वारा परिवर्तित या पुनर्विलोकित न किए जाने का सिद्धांत (functus officio)।
कारावासित अभियुक्त, मृत्युदंडित व्यक्ति, प्रभावित पक्षकारों तथा लोक अभियोजक को निर्णय की नि:शुल्क/प्रमाणित प्रतियां देने की विस्तृत व्यवस्था।
न्यायालय की भाषा से भिन्न भाषा में अभिलिखित मूल निर्णय का, पक्षकार के अनुरोध पर, न्यायालय की भाषा में अनुवाद अभिलेख में जोड़े जाने का उपबंध।
सेशन न्यायालय/मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा विचारित मामलों के निष्कर्ष व दंडादेश की प्रति संबंधित जिला मजिस्ट्रेट को भेजे जाने का प्रशासनिक उपबंध।