logo

हाजिरी-शर्त भंग होने पर बंधपत्र/जमानत बंधपत्र रद्द होने, पर्याप्त कारण न होने पर स्वयं के बंधपत्र पर पुनः न छोड़े जाने तथा नई बंधपत्र-शर्तों पर छोड़े जाने की व्यवस्था।
प्रतिभू के दिवालिया होने/मृत्यु होने या बंधपत्र समपहृत होने पर नई प्रतिभूति देने का आदेश तथा न दिए जाने पर मूल आदेश-व्यतिक्रम की भांति कार्रवाई करने की शक्ति।
बालक से बंधपत्र निष्पादन की अपेक्षा के बजाय केवल प्रतिभू/प्रतिभुओं द्वारा निष्पादित बंधपत्र स्वीकार करने की न्यायालय/अधिकारी की शक्ति।
बंधपत्र-समपहरण संबंधी धारा 491 के आदेशों के विरुद्ध सेशन न्यायाधीश या तत्संबंधी अपीलीय न्यायालय में अपील का अधिकार।
उच्च न्यायालय/सेशन न्यायालय में हाजिरी हेतु बंधपत्र पर देय राशि वसूल करने के लिए किसी मजिस्ट्रेट को निदेश देने की शक्ति। यह धारा अध्याय 35 को पूर्ण करती है।