logo

सामान्यतः विधि द्वारा प्राधिकृत अपीलों तक सीमित सिद्धांत, तथा पीड़ित को दोषमुक्ति/लघुतर दोषसिद्धि/अपर्याप्त प्रतिकर के विरुद्ध अपील का महत्वपूर्ण अधिकार।
शांति/सदाचार प्रतिभूति के आदेश या प्रतिभू-अस्वीकृति के आदेश से व्यथित व्यक्ति को सेशन न्यायालय में अपील का अधिकार।
दंडादेश की गंभीरता व विचारण-न्यायालय के अनुसार उच्चतम न्यायालय/उच्च न्यायालय/सेशन न्यायालय में अपील-अधिकारिता का निर्धारण, तथा यौन-अपराध दंडादेशों की अपीलों के लिए 6-मास की समय-सीमा।
दोष स्वीकार पर दी गई दोषसिद्धि के विरुद्ध अपील न होने का सिद्धांत, केवल दंडादेश की मात्रा/विधिमान्यता के संबंध में सीमित अपवाद के साथ।
अत्यंत हल्के दंडादेशों (न्यायालय-स्तर के अनुसार निर्धारित सीमा तक कारावास/जुर्माना) के विरुद्ध अपील को वर्जित करने वाला उपबंध, संयुक्त दंड की दशा में अपवाद सहित।
अपर्याप्त दंडादेश के विरुद्ध राज्य/केंद्रीय सरकार द्वारा लोक अभियोजक को अपील का निदेश देने की शक्ति, तथा दंडादेश-वृद्धि से पूर्व अभियुक्त को कारण दर्शित करने का अनिवार्य अवसर।
दोषमुक्ति के आदेशों के विरुद्ध जिला मजिस्ट्रेट/राज्य/केंद्रीय सरकार द्वारा अपील निदेशित करने, उच्च न्यायालय की इजाजत अपेक्षा, तथा परिवादी की विशेष इजाजत हेतु समय-सीमा का उपबंध।
उच्च न्यायालय द्वारा अपील में दोषमुक्ति उलटकर गंभीर दंडादेश (मृत्यु/आजीवन कारावास/10+ वर्ष) दिए जाने पर अभियुक्त को उच्चतम न्यायालय में अपील का अधिकार।