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दांडिक न्यायालय में सेवारत निर्वचक का साक्ष्य या कथन का सच्चा और सही निर्वचन करने का दायित्व।
उच्च न्यायालय के समक्ष मामलों में साक्ष्य और अभियुक्त की परीक्षा अभिलिखित करने की रीति साधारण नियम द्वारा विहित करने की शक्ति।
साक्षी की हाजिरी से अभिमुक्ति देकर उसकी परीक्षा हेतु कमीशन जारी करने की शर्तें, तथा राष्ट्रपति/उपराष्ट्रपति/राज्यपाल/प्रशासक के लिए अनिवार्य कमीशन का उपबंध।
साक्षी के भारत में, विस्तार-क्षेत्र से बाहर या विदेश में होने की स्थिति के अनुसार कमीशन किस न्यायालय/अधिकारी को निदेशित किया जाएगा, इसका उपबंध।
कमीशन प्राप्त होने पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा साक्षी को समन कर या स्वयं जाकर वारंट-मामलों जैसी शक्तियों से साक्ष्य लेने की प्रक्रिया।
कमीशन के निष्पादन के समय पक्षकारों द्वारा लिखित प्रतिप्रश्न भेजने तथा स्वयं या अधिवक्ता के माध्यम से साक्षी की परीक्षा/प्रतिपरीक्षा करने का अधिकार।
निष्पादित कमीशन तथा साक्षी के अभिसाक्ष्य को जारीकर्ता न्यायालय को वापस भेजने, अभिलेख का भाग बनने तथा भावी कार्यवाहियों में उपयोग होने का उपबंध।
कमीशन के निष्पादन और वापसी हेतु पर्याप्त समय के लिए जांच, विचारण या अन्य कार्यवाही को स्थगित करने की न्यायालय की शक्ति।
भारत के विस्तार-क्षेत्र से बाहर तथा विदेशी न्यायालयों/न्यायाधीशों/मजिस्ट्रेटों द्वारा जारी कमीशनों पर धारा 321-323 के उपबंध लागू होने का विस्तार।
सिविल सर्जन या अन्य चिकित्सा अधिकारी के अभिसाक्ष्य को बिना स्वयं साक्षी बुलाए साक्ष्य में ग्रहण करने तथा आवेदन पर उसे समन करने की व्यवस्था।