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समन-मामले में औपचारिक आरोप के बिना अभियोग का सार कथित करने तथा निराधार अभियोग पर अभियुक्त को छोड़े जाने का उपबंध।
समन-मामले में अभियुक्त के दोषी होने के अभिवचन को उसके ही शब्दों में अभिलिखित कर विवेकानुसार दोषसिद्ध करने का उपबंध।
छोटे मामलों में विशेष समन पर डाक द्वारा दोषी होने का अभिवचन भेजकर अनुपस्थिति में ही दोषसिद्धि किए जा सकने का उपबंध।
दोषसिद्ध न किए जाने पर अभियोजन व अभियुक्त दोनों के साक्ष्य लेने तथा साक्षी बुलाने की मजिस्ट्रेट की प्रक्रिया।
समन-मामले में दोषमुक्ति या दंडादेश पारित करने तथा स्वीकृत/साबित तथ्यों के आधार पर भिन्न अपराध के लिए भी दोषसिद्धि किए जा सकने का उपबंध।
परिवादी की अनुपस्थिति पर तीस दिन का समय देकर अभियुक्त को दोषमुक्त करने तथा परिवादी की मृत्यु की स्थिति में भी यही नियम लागू होने का उपबंध।
अंतिम आदेश से पूर्व पर्याप्त आधार पर परिवादी को परिवाद वापस लेने की अनुज्ञा देकर अभियुक्त को दोषमुक्त करने की मजिस्ट्रेट की शक्ति।
पुलिस/इत्तिला-आधारित समन-मामले में मजिस्ट्रेट द्वारा कार्यवाही किसी भी प्रक्रम पर रोकने तथा तदनुसार दोषमुक्ति या उन्मोचन की शक्ति।
छह मास से अधिक कारावास दंडनीय अपराध के समन-मामले को न्याय के हितों में वारंट-मामले की प्रक्रिया में परिवर्तित करने की मजिस्ट्रेट की शक्ति।