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पुलिस रिपोर्ट पर संस्थित वारंट-मामले के विचारण के प्रारंभ में मजिस्ट्रेट द्वारा धारा 230 के अनुपालन का समाधान करने का उपबंध।
दस्तावेजों की प्रतियां मिलने के साठ दिन के भीतर उन्मोचन हेतु आवेदन तथा आरोप निराधार पाए जाने पर मजिस्ट्रेट द्वारा उन्मोचन की शक्ति।
मजिस्ट्रेट द्वारा साठ दिन के भीतर लिखित आरोप विरचित करने तथा अभियुक्त को उसका दोषी होना अभिवाक् करने या विचारित होने का दावा पूछने की प्रक्रिया।
अभियुक्त द्वारा दोषी होने का अभिवचन करने पर मजिस्ट्रेट द्वारा उसे अभिलिखित कर विवेकानुसार दोषसिद्ध करने की शक्ति।
दोषी न होने पर साक्षियों की परीक्षा हेतु तारीख नियत करने, साक्षी-कथन पहले से देने तथा अभियोजन साक्ष्य लेने की प्रक्रिया।
अभियुक्त को प्रतिरक्षा में साक्ष्य पेश करने, साक्षी बुलाने के आवेदन तथा साक्षी के व्यय जमा कराने की मजिस्ट्रेट की शक्ति से संबंधित उपबंध।
परिवाद पर संस्थित (गैर-पुलिस-रिपोर्ट) वारंट-मामले में मजिस्ट्रेट द्वारा अभियोजन को सुनने तथा उसका साक्ष्य लेने की प्रक्रिया की शुरुआत।