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संज्ञान लेने के पश्चात् मजिस्ट्रेट द्वारा समन-मामले या वारंट-मामले में समन/वारंट जारी करने की प्रक्रिया व शर्तें।
समन जारी करते समय मजिस्ट्रेट द्वारा अभियुक्त को वैयक्तिक हाजिरी से अभिमुक्ति देने तथा आवश्यकतानुसार पुनः हाजिरी का निदेश देने की शक्ति।
पांच हजार रुपए तक की शास्ति वाले छोटे अपराधों में डाक/अधिवक्ता के माध्यम से दोषी होने की अभिवाक् की अनुमति देने वाला विशेष समन।
पुलिस रिपोर्ट पर संस्थित मामलों में चौदह दिन के भीतर अभियुक्त/पीड़ित को FIR, पुलिस रिपोर्ट व साक्षी-कथनों की प्रतियां निःशुल्क दिए जाने का उपबंध।
परिवाद-आधारित सेशन-विचारणीय मामलों में अभियुक्त को मजिस्ट्रेट-परीक्षित कथनों व दस्तावेजों की प्रतियां निःशुल्क दिए जाने का उपबंध।
मजिस्ट्रेट द्वारा केवल सेशन न्यायालय द्वारा विचारणीय मामले को नब्बे दिन (अधिकतम 180 दिन) की समय-सीमा में सेशन न्यायालय को सुपुर्द करने की प्रक्रिया।
परिवाद मामले में जांच के दौरान समांतर पुलिस अन्वेषण चलने की स्थिति में कार्यवाही रोककर पुलिस रिपोर्ट के आधार पर दोनों मामलों को साथ जांचने की प्रक्रिया।