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धारा 156/157 की जांच के प्रयोजन के लिए मजिस्ट्रेट द्वारा स्थानीय अन्वेषण कराने या विशेषज्ञ को समनित करने की शक्ति।
स्थानीय अन्वेषक को लिखित अनुदेश देने, व्ययभार तय करने तथा उसकी रिपोर्ट को साक्ष्य के रूप में पढ़े जाने का उपबंध।
आदेश निरपेक्ष होने पर उसकी सूचना, अवज्ञा पर शास्ति की चेतावनी तथा कार्य कराकर उसके खर्चे कुर्की-विक्रय से वसूलने का उपबंध।
आसन्न गंभीर लोक संकट या क्षति के निवारण हेतु मामले के विनिश्चय तक मजिस्ट्रेट द्वारा तुरंत व्यादेश जारी करने की शक्ति।
जिला मजिस्ट्रेट या सशक्त अधिकारी द्वारा किसी व्यक्ति को लोक न्यूसेंस की पुनरावृत्ति या उसे जारी रखने से रोकने का आदेश।
तुरंत निवारण आवश्यक होने पर मजिस्ट्रेट द्वारा एकपक्षीय आदेश जारी करने, उसकी अधिकतम अवधि तथा उसे अपास्त/परिवर्तित करने की शक्ति।
भूमि या जल संबंधी विवाद से परिशांति भंग की आशंका होने पर मजिस्ट्रेट द्वारा वास्तविक कब्जा विनिश्चित करने की विस्तृत प्रक्रिया।
कब्जे के बारे में अनिश्चय की स्थिति में विवाद की विषय-वस्तु को कुर्क करने तथा उसकी देखभाल हेतु रिसीवर नियुक्त करने की शक्ति।
भूमि या जल के अभिकथित उपयोग-अधिकार (यथा सुखाधिकार) संबंधी विवाद में मजिस्ट्रेट द्वारा अधिकार के अस्तित्व की जांच व आदेश।
भूमि/जल विवाद संबंधी जांच के लिए अधीनस्थ मजिस्ट्रेट को नियुक्त करने तथा कार्यवाही के खर्चों के आदेश की शक्ति।