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अध्याय 24 में प्रयुक्त 'निरुद्ध' तथा 'कारागार' पदों की परिभाषाएं, जिनमें अनुषंगी कारागार, सुधारालय व बोर्स्टल संस्था भी सम्मिलित हैं।
कारागार में परिरुद्ध व्यक्ति को न्यायालय में आरोप का उत्तर देने या साक्षी के रूप में पेश कराने हेतु आदेश देने की न्यायालय की शक्ति।
लोक व्यवस्था व लोकहित को ध्यान में रखते हुए कतिपय बंदियों को कारागार से न हटाए जाने का आदेश देने की सरकार की शक्ति।
बीमारी, विचाराधीन रिमांड, अभिरक्षा-अवधि की समाप्ति या धारा 303 के आदेश की स्थिति में कारागार अधिकारी द्वारा न्यायालय आदेश न मानने की परिस्थितियां।
आदेश की प्राप्ति पर बंदी को अभिरक्षा में न्यायालय ले जाने तथा परीक्षा पूरी होने तक न्यायालय के निकट अभिरक्षा में रखे जाने का उपबंध।
कारागार में परिरुद्ध व्यक्ति की साक्षी के रूप में कमीशन पर परीक्षा कराने की न्यायालय की शक्ति अक्षुण्ण रहने का उपबंध।