logo

पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर अभियुक्त को अभिरक्षा में या प्रतिभूति पर मजिस्ट्रेट के पास अग्रेषित करने तथा परिवादी से बंधपत्र लेने की प्रक्रिया।
परिवादी/साक्षी को पुलिस के साथ जाने या अनावश्यक अवरोध के अधीन न किए जाने, तथा इंकार करने पर मजिस्ट्रेट के समक्ष अग्रेषण का उपबंध।
पुलिस अधिकारी द्वारा अन्वेषण की केस डायरी दिन-प्रतिदिन रखने तथा न्यायालय द्वारा उसके सीमित उपयोग व अभियुक्त की सीमित पहुंच का उपबंध।
अन्वेषण की समय-सीमा (यौन अपराधों में दो मास), पुलिस रिपोर्ट (चार्जशीट) की विषय-वस्तु, दस्तावेज संलग्न करने तथा आगे अन्वेषण की प्रक्रिया।
आत्महत्या, हत्या या संदिग्ध मृत्यु की सूचना मिलने पर पुलिस द्वारा शव-परीक्षा, रिपोर्ट तैयार करने तथा चिकित्सीय परीक्षा हेतु शव भेजने की प्रक्रिया।
शव-परीक्षा अन्वेषण में गवाहों को समनित करने की शक्ति तथा संज्ञेय अपराध प्रकट न होने पर मजिस्ट्रेट-न्यायालय में हाजिरी न कराए जाने का उपबंध।
पुलिस अभिरक्षा में मृत्यु/लापता होने या बलात्संग के मामलों में मजिस्ट्रेट द्वारा अतिरिक्त जांच, शव-उत्खनन तथा नातेदारों की सूचना का उपबंध।