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संज्ञेय अपराध की FIR (प्रथम सूचना रिपोर्ट), जीरो FIR, महिला/निःशक्त पीड़ित हेतु विशेष प्रक्रिया तथा प्रारंभिक जांच से संबंधित मूल उपबंध।
असंज्ञेय अपराध की इत्तिला दर्ज करने, मजिस्ट्रेट के आदेश के बिना अन्वेषण न करने तथा मिश्रित मामलों को संज्ञेय समझे जाने का उपबंध।
संज्ञेय मामले के अन्वेषण की पुलिस अधिकारी की सामान्य शक्ति तथा लोक सेवक के विरुद्ध परिवाद पर अन्वेषण की विशेष शर्तें।
अन्वेषण हेतु घटनास्थल पर जाने, बलात्संग पीड़िता का कथन विशेष रीति से अभिलिखित करने तथा गंभीर अपराधों में फोरेंसिक साक्ष्य संग्रह की अनिवार्यता।
मजिस्ट्रेट को भेजी जाने वाली रिपोर्ट राज्य सरकार के निदेश पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के माध्यम से पेश किए जाने का उपबंध।
अन्वेषण रिपोर्ट प्राप्त होने पर मजिस्ट्रेट द्वारा अन्वेषण का निदेश देने या स्वयं प्रारंभिक जांच करने की शक्ति।
अन्वेषण के दौरान साक्षी की हाजिरी की अपेक्षा करने की शक्ति तथा नाबालिग, वृद्ध, स्त्री व निःशक्त व्यक्तियों को विशेष संरक्षण।
अन्वेषण के दौरान साक्षियों की मौखिक परीक्षा, सत्य उत्तर देने के दायित्व तथा कथन को लिखित/श्रव्य-दृश्य रूप में अभिलिखित करने की प्रक्रिया।
पुलिस को दिए गए कथन पर हस्ताक्षर न होने, उसके विचारण में प्रयोग की सीमा तथा साक्षी के खंडन में सीमित उपयोग से संबंधित उपबंध।