दृष्टांत
(क) कक्षीकार द्वारा अटर्नी के पक्ष में किये गए विक्रय का सद्भाव कक्षीकार द्वारा लाए गए वाद में प्रश्नगत है। का संव्यवहार का सद्भाव साबित करने का भार अटर्नी पर है। (ख) पुत्र द्वारा, जो कि हाल ही में प्राप्तवय हुआ है, पिता को किए गए किसी विक्रय का सद्भाव पुत्र द्वारा लाए गए वाद में प्रश्नगत है। संव्यवहार के सद्भाव को साबित करने का भार पिता पर है।111. उन संव्यवहारों में सद्भाव का साबित किया जाना जिनमें एक पक्षकार का संबंध सक्रिय विश्वास का है
Author: | Date: 2022-12-05 20:45:49


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