धारा 354, 354क, 354, 3547, 354घ के अंतर्गत अपराध कारित होने से रोकने में विफल रहने वाले व्यक्ति का दायित्व – जो कोई, धारा 354, धारा 354क, धारा 354ख, धारा 354ग या धारा 354घ का अपराध कारित होते समय उपस्थित रहता है और ऐसे अपराध को कारित होने से रोकने की स्थिति में होते हुए भी ऐसे अपराध को कारित होने से रोकने में विफल रहता है या यदि वह अपराध को कारित होने से रोकने की स्थिति में नहीं है तो अपराधी को वैध दण्ड से बचाने के आशय से ऐसे किसी अपराध के कारित होने की सूचना किसी भी तरीके से निकटस्थ मजिस्ट्रेट या पुलिस अधिकारी को देने में विफल रहता है तो वह ऐसे अपराध के दुष्प्रेरण के लिए दायी होते हुए दोनों में से किसी भांति के कारावास जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी या जुमनि से या दोनों से दण्डित किया जाएगा ।” [देखे दण्ड विधि (छ.ग. संशोधन) अधिनियम, 2013 (क्र. 25 सन् 2015), धारा 4 (दिनांक 21-7-26015 से प्रभावशील) । छ.ग. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 21-7-2015 पृष्ठ 777-778(9) पर प्रकाशित ।]
“354 ङ. धारा 354, 354क, 354, 3547, 354घ के अंतर्गत अपराध कारित होने से रोकने में विफल रहने वाले व्यक्ति का दायित्व
Author: | Date: 2022-11-13 19:37:51


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