Author: Alok Kumar | Date: 2026-10-15 19:38:55

गोपालगंज- डिजिटल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच यूट्यूब पर भ्रामक, अतिरंजित और सनसनीखेज समाचारों के प्रसारण को लेकर कई चुनौतियां सामने आ रही हैं। अधिक व्यूज और लोकप्रियता हासिल करने के लिए कुछ चैनलों पर अपुष्ट सूचनाएं, भ्रामक शीर्षक और पुराने वीडियो को नए संदर्भ में प्रस्तुत करने के मामले सामने आते हैं। ऐसी सामग्री से आम लोगों में भ्रम फैलने और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका रहती है। इस पर नियंत्रण के लिए तथ्यात्मक सत्यापन और कानूनी प्रक्रिया का पालन जरूरी है।पुलिस प्रशासन के स्तर पर सोशल मीडिया मॉनिटरिंग की व्यवस्था बनाकर जिले से संबंधित वायरल वीडियो और संदिग्ध दावों की निगरानी की जा सकती है। किसी वीडियो के विरुद्ध कार्रवाई से पहले उसके लिंक, प्रसारण की तारीख, चैनल की पहचान और उसमें किए गए दावों का सत्यापन किया जाना चाहिए। संबंधित थाने और सक्षम अधिकारियों से रिपोर्ट लेने के बाद ही आगे की कार्रवाई पर विचार करना उचित होगा।

 

तथ्यों के आधार पर हो कार्रवाई

 

भ्रामक सामग्री मिलने पर पुलिस प्रशासन आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति, सोशल मीडिया पोस्ट या प्रेस ब्रीफिंग के माध्यम से सही जानकारी जनता तक पहुंचा सकता है। इससे अफवाहों पर अंकुश लगाने और लोगों को वास्तविक स्थिति से अवगत कराने में मदद मिलेगी। जरूरत पड़ने पर यूट्यूब की शिकायत व्यवस्था के तहत संबंधित वीडियो की रिपोर्ट भी की जा सकती है। कानूनी रूप से सामग्री अवरुद्ध करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया और सक्षम प्राधिकारी के निर्देश आवश्यक हैं।

 

पत्रकारिता की स्वतंत्रता का भी हो सम्मान

 

किसी समाचार में प्रशासन की आलोचना होने मात्र से उसे भ्रामक नहीं माना जा सकता। संविधान का अनुच्छेद 19 अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करता है, जबकि अनुच्छेद 19(2) के तहत निर्धारित आधारों पर उचित प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। तथ्यों के अनुसार भारतीय न्याय संहिता, 2023 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों पर विचार किया जा सकता है।पुलिस को कार्रवाई से पहले डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने, आरोपों की निष्पक्ष जांच करने और स्पष्ट कानूनी आधार सुनिश्चित करने पर जोर देना चाहिए। स्थानीय पत्रकारों और डिजिटल मीडिया संचालकों के साथ समन्वय बैठकें भी उपयोगी हो सकती हैं। इसका उद्देश्य जिम्मेदार पत्रकारिता को बढ़ावा देना, अफवाहों पर रोक लगाना और जनविश्वास बनाए रखना होना चाहिए।