नई दिल्ली/जयपुर/पटना, 1 सितंबर 2026: राजस्थान हाईकोर्ट में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को लेकर छिड़े विवाद से लेकर सुप्रीम कोर्ट और पटना हाईकोर्ट के महत्वपूर्ण फैसलों तक, आज देशभर की अदालतों से जुड़ी कई बड़ी खबरें सामने आई हैं। पढ़ें पूरी रिपोर्ट विस्तार से।
1. राजस्थान हाईकोर्ट: कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ वकीलों की हड़ताल
राजस्थान हाईकोर्ट के जोधपुर और जयपुर दोनों खंडपीठों के अधिवक्ता कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा के खिलाफ 31 अगस्त से हड़ताल पर चले गए हैं। यह विवाद सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति संदीप मेहता द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत को लिखे गए एक पत्र के बाद शुरू हुआ, जिसमें आरोप लगाया गया कि कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने मामलों की लिस्टिंग के क्रम में अनुचित रूप से बदलाव कर अपनी प्रशासनिक शक्तियों का दुरुपयोग किया।
राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन, जोधपुर और राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन, जोधपुर ने घोषणा की है कि जब तक कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को न्यायिक व प्रशासनिक जिम्मेदारियों से मुक्त नहीं किया जाता, तब तक 6 सितंबर 2026 तक काम से विरत रहेंगे। हाईकोर्ट परिसर के बाहर वकीलों ने प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी भी की। इस बढ़ते विवाद के बीच कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने स्वयं को न्यायिक कार्य से अलग करने का निर्णय लिया है — 1 से 5 सितंबर के बीच उनकी कोई पीठ गठित नहीं की गई है और न ही उन्हें कोई नियमित न्यायिक सुनवाई सौंपी गई है।
2. सुप्रीम कोर्ट: अनुच्छेद 226 के तहत हाईकोर्ट की सर्टिओरारी शक्ति पर बड़ी व्यवस्था
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार, 31 अगस्त 2026 को एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि हाईकोर्ट संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत अपनी सर्टिओरारी रिट क्षेत्राधिकार का प्रयोग करते हुए किसी ट्रिब्यूनल के उस आदेश में हस्तक्षेप कर सकते हैं, जिसके निष्कर्ष किसी ठोस साक्ष्य या दस्तावेजी प्रमाण पर आधारित न हों। यह व्यवस्था प्रशासनिक न्यायाधिकरणों की जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
3. सुप्रीम कोर्ट: न्यायिक अवसंरचना पर अंतरिम रिपोर्ट पेश
भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा गठित न्यायिक अवसंरचना सलाहकार समिति (Judicial Infrastructure Advisory Committee) ने देशभर की अदालतों के आधुनिकीकरण की रूपरेखा तैयार करते हुए अपनी अंतरिम रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने 2 सितंबर 2026 को अतिरिक्त 'मिसलेनियस डे' (विविध सूची दिवस) आयोजित करने तथा नियमित सुनवाई वाले मामलों की संशोधित लिस्टिंग को लेकर भी परिपत्र जारी किया है।
4. पटना हाईकोर्ट: हाउसिंग लोन विवाद में आपराधिक कार्यवाही रद्द
पटना हाईकोर्ट ने एक हाउसिंग लोन (गृह ऋण) विवाद से जुड़े मामले में आपराधिक कार्यवाही को रद्द करते हुए स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता का उचित उपचार ऋण वसूली न्यायाधिकरण (Debt Recovery Tribunal) के समक्ष है, न कि आपराधिक अभियोजन के माध्यम से। कोर्ट ने कहा कि विशुद्ध रूप से वित्तीय/सिविल प्रकृति के विवादों को आपराधिक रंग देकर धोखाधड़ी की धारा में मुकदमा चलाना उचित नहीं है।
5. पटना हाईकोर्ट: DDU-GKY एजेंसी की तीन वर्ष की ब्लैकलिस्टिंग बरकरार
सिविल रिट क्षेत्राधिकार मामला संख्या 670/2026 में पटना हाईकोर्ट ने दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY) के तहत कार्यरत एक प्रशिक्षण एजेंसी की तीन वर्ष की ब्लैकलिस्टिंग को बरकरार रखा। कोर्ट ने पाया कि संबंधित एजेंसी ने प्रशिक्षुओं के फर्जी प्लेसमेंट रिकॉर्ड तैयार कर योजना के तहत सरकारी लाभ प्राप्त करने का प्रयास किया था, जो गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है।
6. पटना हाईकोर्ट: बिना सुनवाई के ठेकेदार को डिबार करने का आदेश रद्द
एक अन्य महत्वपूर्ण मामले में पटना हाईकोर्ट ने सरकार के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसके तहत एक ठेकेदार को सभी सरकारी टेंडरों में भाग लेने से डिबार (प्रतिबंधित) कर दिया गया था। कोर्ट ने कहा कि ठेकेदार को बिना किसी नोटिस या सुनवाई का अवसर दिए, और बिना डिबारमेंट की कोई निश्चित अवधि तय किए, इस तरह अनिश्चितकाल के लिए प्रतिबंधित करना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है। कोर्ट ने यह भी दोहराया कि एक बार लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस, वर्क ऑर्डर और एग्रीमेंट के जरिए अनुबंध पूर्ण हो जाने के बाद सफल बोलीदाता को सुनवाई के अवसर के बिना उसके संविदागत अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता।
निष्कर्ष
आज की खबरें न्यायपालिका के भीतर प्रशासनिक पारदर्शिता की मांग (राजस्थान हाईकोर्ट), प्रशासनिक न्यायाधिकरणों पर हाईकोर्ट की निगरानी (सुप्रीम कोर्ट), तथा नागरिकों व ठेकेदारों को प्राकृतिक न्याय का संरक्षण (पटना हाईकोर्ट) — इन तीनों पहलुओं को उजागर करती हैं। द लीगल लैब आगे भी देशभर की अदालतों से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर पूरे विस्तार के साथ आप तक पहुंचाता रहेगा।
स्रोत (Sources)
- LiveLaw — Rajasthan HC Lawyers Strike Against Acting CJ
- Bar & Bench — Rajasthan HC Advocates Strike
- The Print — Why Rajasthan HC Advocates Are Protesting
- Supreme Court of India — All Updates
- LiveLaw — Patna High Court News & Judgments
- LiveLaw — Patna HC Upholds DDU-GKY Agency Blacklisting
- Samvida Law — Debarment of Contractor Without Hearing Quashed
अस्वीकरण: उपरोक्त जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध समाचार स्रोतों के आधार पर संकलित की गई है। पुष्टि हेतु मूल स्रोत/निर्णय अवश्य देखें।



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