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सुरक्षित इलैक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर को छोड़कर, अभिकथित इलैक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर वास्तव में उस हस्ताक्षरकर्ता का है, यह तथ्य साबित किया जाना आवश्यक है।
विधितः अनुप्रमाणन अपेक्षित दस्तावेज का साक्ष्य में उपयोग तभी हो सकता है जब जीवित व उपलब्ध अनुप्रमाणक साक्षी को निष्पादन साबित करने बुलाया गया हो, कतिपय अपवादों सहित।
यदि कोई अनुप्रमाणक साक्षी न मिले, तो यह साबित करना होगा कि कम से कम एक अनुप्रमाणक साक्षी का अनुप्रमाण और निष्पादक का हस्ताक्षर उन्हीं के हस्तलेख में है।
अनुप्रमाणित दस्तावेज के किसी पक्षकार द्वारा उसके स्वयं द्वारा निष्पादन की स्वीकृति, उस पक्षकार के विरुद्ध निष्पादन का पर्याप्त सबूत है।
यदि अनुप्रमाणक साक्षी दस्तावेज के निष्पादन का प्रत्याख्यान करे या उसे स्मरण न हो, तो उसका निष्पादन अन्य साक्ष्य द्वारा साबित किया जा सकता है।
जिस अनुप्रमाणित दस्तावेज का अनुप्रमाणित होना विधि द्वारा अपेक्षित नहीं है, वह ऐसे साबित की जा सकती है मानो वह अनुप्रमाणित ही न हो।
किसी हस्ताक्षर, लेख या मुद्रा की प्रामाणिकता जांचने हेतु, उसकी तुलना उसी व्यक्ति के स्वीकृत/साबित अन्य हस्ताक्षर, लेख या मुद्रा से की जा सकती है; न्यायालय नमूना लेखन का निदेश भी दे सकता है।
डिजिटल हस्ताक्षर किसी व्यक्ति का है या नहीं जांचने हेतु न्यायालय, हस्ताक्षर प्रमाणपत्र पेश करने या लोक कुंजी से सत्यापन करने का निदेश दे सकता है।
प्रभुतासम्पन्न प्राधिकारी, शासकीय निकायों-अधिकरणों और लोक अधिकारियों के कार्यों/अभिलेखों वाली दस्तावेजें लोक दस्तावेज हैं; शेष सभी दस्तावेज प्राइवेट हैं।
जिस लोक दस्तावेज के निरीक्षण का किसी व्यक्ति को अधिकार है, उसकी अभिरक्षक लोक अधिकारी को मांगने पर विधिक फीस लेकर उसकी प्रमाणित प्रति देनी होगी।