logo

सुरक्षित इलैक्ट्रॉनिक अभिलेख के अपरिवर्तित रहने और सुरक्षित इलैक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर के हस्ताक्षरकर्ता के आशय से लगाए जाने की न्यायालय उपधारणा करेगा, जब तक प्रतिकूल साबित न हो।
यदि उपयोगकर्ता ने प्रमाणपत्र स्वीकार किया हो, तो उसमें सूचीबद्ध सूचना सही मानी जाएगी, सिवाय असत्यापित उपयोगकर्ता-सूचना के, जब तक प्रतिकूल साबित न हो।
विदेश के न्यायिक अभिलेख की प्रमाणित प्रति, यदि उस देश की सामान्य रीति से प्रमाणित होना केन्द्रीय सरकार के प्रतिनिधि द्वारा प्रमाणित हो, तो न्यायालय असली व शुद्ध मान सकता है।
लोक या साधारण हित की जानकारी हेतु देखी जाने वाली पुस्तक तथा पेश किया गया प्रकाशित मानचित्र/चार्ट, तात्पर्यित व्यक्ति, समय व स्थान पर लिखा/प्रकाशित माना जाएगा।
मेल सर्वर से प्रेषिती को अग्रेषित इलैक्ट्रॉनिक संदेश, प्रवर्तक के कंप्यूटर में भरे गए संदेश के समरूप माना जा सकता है, परन्तु भेजने वाले व्यक्ति की कोई उपधारणा नहीं होगी।
पेश करने की सूचना के बाद भी पेश न की गई दस्तावेज को न्यायालय विधि-अपेक्षित रीति से अनुप्रमाणित, स्टाम्पित और निष्पादित मानेगा।
उचित अभिरक्षा से पेश तीस वर्ष पुरानी दस्तावेज पर हस्ताक्षर व हस्तलेख, तथा उसका सम्यक् निष्पादन व अनुप्रमाणन, न्यायालय उपधारित कर सकता है।
उचित अभिरक्षा से पेश पांच वर्ष पुराने इलैक्ट्रॉनिक अभिलेख का इलैक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर उस व्यक्ति या उसके प्राधिकृत व्यक्ति द्वारा लगाया गया, न्यायालय उपधारित कर सकता है।