128. साक्ष्य देने के लिए स्वयमेव उद्यत होने से विशेषाधिकार अधित्यक्त नहीं हो जाता

Author: | Date: 2022-12-06 20:49:12

128. साक्ष्य देने के लिए स्वयमेव उद्यत होने से विशेषाधिकार अधित्यक्त नहीं हो जाता -- यदि किसी वाद का कोई पक्षकार स्वप्रेरणा से ही या अन्यथा उसमें साक्ष्य देता है तो यह न समझा जाएगा कि तद्द्वारा उसने ऐसे प्रकटन के लिए, जैसा धारा 126 में वर्णित है, सम्मति दे दी है, तथा यदि किसी वाद या कार्यवाही का कोई पक्षकार ऐसे किसी बैरिस्टर, प्लीडर, अटर्नी या वकील को साक्षी के रूप में बुलाता है, तो यह कि उसने ऐसे प्रकटन के लिए अपनी सम्मति दे दी है केवल तभी समझा जाएगा, जबकि वह ऐसे बैरिस्टर, अटर्नी या वकील से उन बातों के बारे में प्रश्न करे जिनके प्रकटन के लिए वह ऐसे प्रश्नों के अभाव में स्वाधीन न होता।